Monday, February 3, 2014

हिन्दू धर्म शास्त्रों में गणितीय समीकरण व प्रतीकात्मकता . Equations and Symbolism in Hindu Scriptures

गणितज्ञ एवं इतिहासकार स्व. विभूतिभूषण दत्ता ने अपनी किताब में लिखते हैं - "वर्णमाला के अक्षरों को गणितीय समीकरणों व प्रतीकों के रूप में निरूपण सर्वप्रथम हमें हिन्दू ग्रंथो में देखने को मिलता है, भास्कराचार्य ने वेदों, पुराणों, और सांख्य में वर्णित इन पद्धतियों को अपने महान ग्रन्थ "लीलावती" में शामिल किया! - http://is.gd/Bhaskaracharya . फिर कई विदेशियों जैसे अलबरूनी ने इस विधि को कॉपी किया और अपने नाम से छाप दिया! ये पुस्तक यहाँ उपलब्ध है - http://is.gd/History_Of_Hindu_Mathematics

भास्कराचार्य (१११४–११८५) ने विमान, गोलीय त्रिकोणमिति और बीजगणित दोनों पर व्यापक ग्रन्थ लिखे थे, उसके बाद शताब्दियों तक भी यूरोप में कोई खगोलविद पैदा नहीं हुआ था, ना ही किसी उल्लेखनीय कार्य कि चर्चा थी इस क्षेत्र में! उनके लिखे बहुत से ग्रन्थ आज उपलब्ध नहीं हैं, इन्हें मलेच्छ तुर्कों+मुगलों द्वारा नालंदा विश्वविद्यालय के साथ जला दिया गया था, (इनके निधन के १४ वर्ष बाद ही)

ये नयी गणितीय अवधारणायें पंद्रहवीं शताब्दी के पश्चात सम्पूर्ण आर्यावर्त के अलावा, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली तथा यूरोप भर में फैल गयीं थीं! पर दुर्भाग्य से भास्कराचार्य को इसका श्रेय देने की बजाय विदेशी चाटुकार इतिहासकारों ने अलबरूनी को दे दिया, और आज भारत की ही इतिहास की कॉलेजी किताबों में झूठ पर झूठ पढ़ाया जा रहा है, और छात्र इसे सत्य मानकर पढ़ भी रहे हैं, इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या होगा?

अब समय है सत्य पहचानने का!


- विजय 

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